बुधवार, 5 मार्च 2025
KUCHH KHAS KHABAR: 7 दिन में वजन कम करने के उपाय - Tips for weight lo...
KUCHH KHAS KHABAR: भारत के प्रसिद्ध ग्यारह संत और उनके चमत्कार
गुरुवार, 24 अक्टूबर 2024
samachar, समाचार
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 31 अक्टूबर को दोपहर 03 बजकर 52 मिनट से शुरू होगी और 01 नवंबर को संध्याकाल 06 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में 31 अक्टूबर को दिवाली मनाई जाएगी।
दीपावली अमावस्या की रात्रि में मनाई जाती है।जब 1 नवंबर को रात्रि में अमावस्या रहेगी ही नहीं तब दीपावली कैसे मना सकते हैं????
कुछ पर्व दिन में मनाये जाते हैं उनके लिए दिन में तिथि का होना आवश्यक है। कुछ पर्व रात्रि में मनाये जाते हैं उनके लिए रात्रि में तिथि रहना आवश्यक है। इतनी सामान्य सी बात पर भी विवाद हो रहा है। तिथि मुहूर्त आदि की गणना स्थानीय समयानुसार होती है। जन्मकुंडली आदि में भी स्थानीय समय ही मान्य होता। सभी स्थानों पर स्टैंडर्ड समय और स्थानीय समय में अंतर होता है। अतः भारत में और वह भी विशेष शहरों में स्थानीय समय अलग अलग होता है। प्रति एक देशान्तर पर चार मिनट का अंतर आता है। कलकत्ता में आज सूर्योदय 5-36 पर हुआ,सूरत में आज सूर्योदय 6-37 पर हुआ। अर्थात एक देश में ही स्थानीय समय में एक घंटे छह मिनट का अंतर है। भारत में अमावस्या 31 नवंबर को है वह एक नवंबर को अमेरिका में होगी। तो क्या अमेरिका के शुभ के लिए हमें एक नवंबर को दीपावली मनानी चाहिए?????
जबकि एक नवंबर की रात्रि में भारत में अमावस्या नहीं रहेगी। बिना अमावस्या के भी दीपावली मनाने लगें????
नवबौद्धिकों के झांसें में न आयें। दीपावली 31 अक्टूबर
को ही मनायें। सनातन के त्यौहारों पर जानबूझकर डीपस्टेट के एजेंट विवाद उत्पन्न करते हैं। पृथ्वी पर घटने वाली घटनाओं की गणना स्थानीय समयानुसार ही करी जाती है। किसी की जन्म कुंडली अंतरिक्ष के समय के अनुसार नहीं बनाई जाती। क्योंकि जातक पृथ्वी पर जन्म लेता है अंतरिक्ष में नहीं। अतः नासा की गणना के नाम पर फैलाये जा रहे प्रोपगंडा से बचें।
ज्योतिष कोई परमात्मा नही यह आपका मार्ग दर्शक है
KUCHH KHAS KHABAR:
मंगलवार, 28 नवंबर 2023
भारत के प्रसिद्ध ग्यारह संत और उनके चमत्कार
भारत के प्रसिद्ध ग्यारह संत और उनके चमत्कार
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बचपन से आप सुनते आये होंगे कि जब-जब धरती पर अत्याचार बढ़ा, तब-तब भगवान ने किसी ना किसी रूप में जन्म लिया और बुराइयों का अंत किया।
ठीक इसी तरह कई संत महात्माओं ने भी समय-समय पर जन्म लिया और अपने चमत्कार से समाज को सही मार्ग दिखाया है. फिर चाहे वह संत एकनाथ रहे हों, या फिर संत तुकाराम. तो आइये चर्चा करते हैं कुछ ऐसे ही संतों की, जिन्होंने अपने चमत्कारों और उससे ज्यादा अपने ज्ञान और परमारथ से लोगों का कल्याण किया।
संत एकनाथ
〰️〰️〰️〰️महाराष्ट्र के प्रसिद्ध संतो में से एक माने जाते हैं. महाराष्ट्र में इनके भक्तों की संख्या बहुत अधिक है. भक्तों में नामदेव के बाद एकनाथ का ही नाम लिया जाता है. ब्राह्मण जाति के होने के बावजूद इन्होंने जाति प्रथा के खिलाफ अपनी आवाज तेज की. समाज के लिए उनकी सक्रियता ने उन्हें उस वक्त के सन्यासियों का आदर्श बना दिया था. दूर-दूर से लोग उनसे लोग मिलने आया करते थे. उनसे जुड़े एक चमत्कार की बात करें तो…
एक बार एकनाथ जी को मानने वाले एक सन्यासी को रास्ते में एक मरा हुआ गथा मिलता है, जिसे देखकर वह उसे दण्डवत् प्रणाम करते हैं और कहते हैं ‘तू परमात्मा है’. उनके इतना कहने से वह गधा जीवित हो जाता है।
इस घटना की खबर जब लोगों में फैलती है, तो वह उस संत को चमत्कारी समझकर परेशान करने लगते हैं. ऐसे में सन्यासी संत एक नाथ जी के पास पहुंचता है और सारी बात बताता है. इस पर संत एकनाथ उत्तर देते हुए कहते हैं, जब आप परमात्मा में लीन हो जाते है तब ऐसा ही कुछ होता है. माना जाता है कि इस चमत्कार के पीछे संत एकनाथ ही थे।
संत तुकाराम
〰️〰️〰️〰️ भगवान की भक्ति में लीन रहने वाले संत तुकाराम का जीवन कठिनाइयों भरा रहा. माना जाता है कि उच्च वर्ग के लोगों ने हमेशा उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की. एक बार एक ब्राहाण ने उनको उनकी सभी पोथियों को नदी में बहाने के लिए कहा तो उन्होंंने बिना सोचे सारी पोथियां नदी में डाल दी थी. बाद में उन्हें अपनी इस करनी पर पश्चाताप हुआ तो वह विट्ठल मंदिर के पास जाकर रोने लगे।
वह लगातार तेरह दिन बिना कुछ खाये पिये वहीं पड़े रहे. उनके इस तप को देखकर चौदहवें दिन भगवान को खुद प्रकट होना पड़ा. भगवान ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उनकी पोथियां उन्हें सौपी।आगे चलकर यही तुकाराम संत तुकाराम से प्रसिद्ध हुए और समाज के कल्याण में लग गये।
संत ज्ञानेश्वर
〰️〰️〰️〰️ कि गिनती महाराष्ट्र के उन धार्मिक संतो में होती हैं, जिन्होंने समस्त मानव जाति को ईर्ष्या द्वेष और प्रतिरोध से दूर रहने का शिक्षा दी थी. संत ज्ञानेश्वर ने 15 वर्ष की छोटी सी आयु में ही गीता की मराठी में ज्ञानेश्वरी नामक भाष्य की रचना कर दी थी. इन्होंने पूरे महाराष्ट्र में घूम घूम कर लोगों को भक्ति का ज्ञान दिया था।
उनके बारे में कहा जाता है कि उनका इस धरती पर जन्म लेना किसी चमत्कार से कम नहीं था. उनके पिता उनकी मां रुक्मिणी को छोड़कर सन्यासी बन गए थे. ऐसे में एक दिन रामानन्द नाम के सन्त उनके आलंदी गांव आये और उन्होंने रुक्मिणी को पुत्रवती भव का आशीर्वाद दे दिया।
जिसके बाद ही इनके पिता ने गुरु के कहने पर गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया और संत ज्ञानेश्वर का जन्म हुआ। संत नामदेव एक प्रसिद्ध संत थे. उन्होंने मराठी के साथ हिन्दी में भी अनेक रचनाएं की. उन्होंने लोगों के बीच ईश्वर भक्ति का ज्ञान बांटा. उनका एक किस्सा बहुत चर्चित है।
एक बार वह संत ज्ञानेश्वर के साथ तीर्थयात्रा पर नागनाथ पहुंचे थे, जहां उन्होंने भजन-कीर्तन का मन बनाया तो उनके विरोधियों ने उन्हेंं कीर्तन करने से रोक दिया. विरोधियों ने नामदेव से कहा अगर तुम्हें भजन-कीर्तन करना है तो मंदिर के पीछे जाकर करो।
इस पर नामदेव मंदिर के पीछे चले गये. माना जाता है कि उनके कीर्तनों की आवाज सुनकर भगवान शिव शंकर ने प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन देने आ गये थे. इसके बाद से नामदेव के चमत्कारी संत के रुप में ख्याति मिली।
समर्थ स्वामी
〰️〰️〰️〰️ जी का जन्म गोदातट के निकट जालना जिले के ग्राम जांब में हुआ था. अल्पायु में ही उनके पिता गुजर गए और तब से उनके दिमाग में वैऱाग्य घूमने लगा था. हालांकि, मां की जिद के कारण उन्हें शादी के लिए तैयार होना पड़ा था. पर, मौके पर वह मंडप तक नहीं पहुंचे और वैराग्य ले लिया।
समर्थ स्वामी के बारे में कहा जाता है कि एक शव यात्रा के दौरान जब एक विधवा रोती-रोती उनके चरणो में गिर गई थी, तो उन्होंंने ध्यान मग्न होने के कारण उसे पुत्रवती भव का आशीर्वाद दे दिया था. इतना सुनकर विधवा और फूट-फूट कर रोने लगी।
रोते हुए वह बोली- मैं विधवा हो गई हूं और मेरे पति की अर्थी जा रही है. स्वामी इस पर कुछ नहीं बोले और कुछ देर बाद जैसे ही उसके पति की लाश को आगे लाया गया, उसमें जान आ गई. यह देख सबकी आंखे खुली की खुली रह गई. सभी इसे समर्थ स्वामी का चमत्कार बता रहे थे।
देवरहा बाबा
〰️〰️〰️〰️ उत्तर भारत के एक प्रसिद्ध संत थे. कहा जाता है कि हिमालय में कई वर्षों तक वे अज्ञात रूप में रहकर साधना किया करते थे. हिमालय से आने के बाद वे उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सरयू नदी के किनारे एक मचान पर अपना डेरा डाल कर धर्म-कर्म करने लगे, जिस कारण उनका नाम देवरहा बाबा पड़ गया. उनका जन्म अज्ञात माना जाता है. कहा जाता है कि-
एक बार महावीर प्रसाद ‘बाबा’ के दर्शन करके वापस लौट रहे थे, तभी उनके साले के बेटे को सांप ने डंस लिया. चूंकि सांप जहरीला था, इसलिए देखते ही देखते विष पूरे शरीर में फ़ैल गया।
किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें, इसलिए वह उसे उठाकर देवरहा बाबा के पास ले आये. बाबा ने बालक को कांटने वाले सांप को पुकारते हुए कहा तुमने क्यों काटा इसको, तो सांप ने उत्तर देते हुए कहा इसने मेरे शरीर पर पैर रखा था. बाबा ने इस पर उसे तुरंत ही कड़े स्वर में आदेश दिया कि विष खींच ले और आश्चर्यजनक रूप से सांप ने विष खींच लिया. बाबा के इस चमत्कार की चर्चा चारों ओर फैल गई।
संत जलाराम
〰️〰️〰️〰️ बापा के नाम से प्रसिद्ध जलाराम गुजरात के प्रसिद्ध संतो में से एक थे. उनका जन्म गुजरात के राजकोट जिले के वीरपुर गांव में हुआ था। जलाराम की मां एक धार्मिक महिला थीं, जो भगवान की भक्ति के साथ साथ साधु संतो का बड़ा आदर करती थी. उनके इस कार्य से प्रसन्न संत रघुदास जी उन्हें आशीर्वाद दिया कि उनका दूसरा पुत्र ईश्वर भक्ति और सेवा के लिए ही जाना जायेगा. आगे चलकर जलाराम बापा गुजरात के बहुत प्रसिद्ध संत हुए।
एक दिन बापा के भक्त काया रैयानी के पुत्र मृत्यु हो गई. पूरा परिवार शोक में डूबा था. इस बीच बापा भी वहां पहुंच गये, उनको देखकर काया रैयानी उनके पैरों में गिर गया और रोने लगा. बापा ने उसके सर पर हाथ रखते हुए कहा तुम शांत हो जाओ. तुम्हारे बेटे को कुछ नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा चेहरे पर से कपड़ा हटा दो. जैसे ही कपड़ा हटाया गया बापा ने कहा बेटा तुम गुमसुम सोये हुए हो, जरा आंख खोल कर मेरी ओर देखो. इसके बाद चमत्कार हो गया. क्षण भर में मृत पड़ा लड़का आंख मलते हुए उठ कर इस तरह बैठ गया, मानो गहरी नींद से जागा हो।
रामकृष्ण परमहंस
〰️〰️〰️〰️〰️ भारत के महान संत थे. राम कृष्ण परमहंस ने हमेशा से सभी धर्मों कि एकता पर जोर दिया था. बचपन से ही उन्हें भगवान के प्रति बड़ी श्रद्धा थी. उन्हें विश्वास था कि भगवान उन्हें एक दिन जरूर दर्शन देंगे. ईश्वर को प्राप्त करने के लिए उन्होंने कठिन साधना और भक्ति का जीवन बिताया था. जिसके फलस्वररूप माता काली ने उन्हें साक्षात् दर्शन दिया था।
कहा जाता है कि- उनकी ईश्वर भक्ति से उनके विरोधी हमेशा जलते थे. उन्हें नीचा दिखाने कि हमेशा सोचते थे. एक बार कुछ विरोधियों ने 10 -15 वेश्याओं के साथ रामकृष्ण को एक कमरे में बंद कर दिया था।
रामकृष्ण उन सभी को मां आनंदमयी की जय कहकर समाधि लगाकर बैठ गए. चमत्कार ऐसे हुआ कि वे सभी वेश्याएं भक्ति भाव से प्रेरित होकर अपने इस कार्य से बहुत शर्मशार हो गई और राम कृष्ण से माफी मांगी।
इसके अतिरिक्त, रामकृष्ण परमहंस की कृपा से माँ काली और स्वामी विवेकानंद का साक्षात्कार होना समूचे विश्व को पता ही है।
गुरु नानक देव
〰️〰️〰️〰️〰️ सिक्खों के आदि गुरु थे. इनके अनुयायी इन्हें गुरुनानक, बाबा नानक और नानक शाह के नामों से बुलाते हैं. कहा जाता है कि बचपन से ही वे विचित्र थे. नेत्र बंद करके आत्म चिंतन में मग्न हो जाते थे. उनके इस हाव भाव को देखकर उनके पिता बड़े चिंतित रहते थे. आगे चलकर गुरु नानक देव बहुत प्रसिद्ध संत हुए।
एक बार गुरु नानक देव जी मक्का गए थे. काफी थक जाने के बाद वह मक्का में मुस्लिमों का प्रसिद्ध पूज्य स्थान काबा में रुक गए. रात को सोते समय उनका पैर काबा के तरफ था।
यह देख वहां का एक मौलवी गुरु नानक के ऊपर गुस्सा हो गया. उसने उनके पैर को घसीट कर दूसरी तरफ कर दिये. इसके बाद जो हुआ वह हैरान कर देने वाला था. हुआ यह था कि अब जिस तरफ गुरु नानक के पैर होते, काबा उसी तरफ नजर आने लगता. इसे चमत्कार माना गया और लोग गुरु नानक जी के चरणों पर गिर पड़े।
रामदेव
〰️〰️〰️ का जन्म पश्चिमी राजस्थान के पोकरण नाम के प्रसिद्ध नगर के पास रुणिचा नामक स्थान में हुआ था. इन्होंने समाज में फैले अत्याचार भेदभाव और छुआ छूत का विरोध किया था. बाबा राम देव को हिन्दू मुस्लिम एकता का भी प्रतीक माना जाता है. आज राजस्थान में इन्हें लोग भगवान से कम नहीं मानते हैं. इनसे जुड़ा हुआ एक किस्सा कुछ ऐसा है।
मेवाड़ के एक गांव में एक महाजन रहता था. उसकी कोई संतान नहीं थी. वह राम देव की पूजा करने लगा और उसने मन्नत मांगी कि पुत्र होने पर मैं मंदिर बनवाऊंगा. कुछ दिन के बाद उसको पुत्र की प्राप्ति हुई।
जब वह बाबा के दर्शन करने जाने लगा तो रास्ते में उसे लुटेरे मिले और उसका सब कुछ लूट लिया. यहां तक कि सेठ की गर्दन भी काट दी. घटना की जानकारी पाकर सेठानी रोते हुए रामदेव को पुकारने लगी, इतने में वहां रामदेव जी प्रकट हो गए और उस महाजन का सर जोड़ दिए. उनका चमत्कार देख कर दोनों उनके चरणों में गिर पड़े।
संत रैदास
〰️〰️〰️〰️का जन्म एक चर्मकार परिवार में हुआ था. बचपन से ही रैदास का मन ईश्वर की भक्ति को ओर हो गया था. उनका जीवन बड़ा ही संघर्षो से बीता था, पर उन्होंने ईश्वर की भक्ति को कभी नहीं छोड़ा. एक बार रैदास जी ने एक ब्रह्मण को एक ‘सुपारी’ गंगा मैया को चढ़ाने के लिए दी थी. ब्राह्मण ने अनचाहे मन से उस सुपारी को गंगा में उछाल दिया।
तभी गंगा मैया प्रकट हुई और सुपारी अपने हाथ में ले ली और उसे एक सोने का कंगन देते हुए कहा- इसे ले जाकर रविदास को दे देना. ब्राह्मण ने जब यह बात बताई तो लोगों ने उपहास उड़ाया।
लोगों ने यहां तक कहा कि रविदास अगर सच्चे भक्त हैं तो दूसरा कंगन लाकर दिखाएं. इस पर रविदास द्वारा बर्तन में रखे हुए जल से गंगा मैया प्रकट हुई और दूसरा कंगन रविदास जी को भेंट किया।
इन संतों ने संसार में यह सन्देश दिया है कि जाति और धर्म से बड़ा मानवता का धर्म है. सच्चे मन से की गई सेवा ही जीवन को सफल बनाती है. इस संसार में भगवान किसी भी जाति का नहीं है. वह संसार के हर प्राणी के दिल में रहता है, इसलिए हमें बुराई द्वेष आदि को छोड़कर एक सच्चा इंसान बनाना चाहिए।
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बुधवार, 4 जनवरी 2023
महत्वपूर्ण फॉर्मूले एवं जानकारियां
महत्वपूर्ण फॉर्मूले एवं जानकारियां.......
1) + = जोड़,
2) -- = घटाव
3) × = गुणा
4) ÷ = भाग
5) % = प्रतिशत
6) ∵ = चूंकि
7) ∴ = इसलिए
8) ∆ = त्रिभुज
9) ω = ओम
10) ∞ = अनंत
11) π = पाई
12) ω = ओमेगा
13) ° = अंश
14) ⊥ = लंब
15) θ = थीटा
16) φ = फाई
17) β = बीटा
18) = = बराबर
19) ≠ = बराबर नहीं है
20) √ = वर्गमूल
21) ? = प्रश्न वाचक
22) α = अल्फा
23) ∥ = समांतर
24) ~ = समरुप है
25) : = अनुपात
26) : : = समानुपात
27) ^ = और
28) ! = फैक्टोरियल
29) f = फलन
30) @ = की दर से
31) ; = जैसा कि
32) / = प्रति
33) ( ) = छोटा कोष्टक
34) { } = मझला कोष्टक
35) [ ] = बड़ा कोष्टक
36) > = से बड़ा
37) < = से छोटा
38) ≈ = लगभग
39) ³√ = घनमूल
40) τ = ताऊ
42) ∀ = सभी के लिए
43) ∃ = अस्तित्व मे है
44) ∄ = अस्तित्व मे नहीं है
45) ∠ = कोण
46) ∑ = सिग्मा
47) ψ = साई
48) δ = डेल्टा
49) λ = लैम्डा
50) ∦ = समांतर नहीं है
51) ≁ = समरूप नहीं हैं
52) d/dx = अवकलन
53) ∩ = समुच्चयों का सर्वनिष्ठ
54) ∪ = समुच्चयो का सम्मिलन
55) iff = केवल और केवल यदि
56) ∈ = सदस्य है!
58) def = परिभाषा
59) μ = म्यूं
60) ∫ = समाकल
61) ⊂ = उपसमुच्चय है
62) ⇒ = संकेत करता है
63) i l = मापांक
64) ' = मिनट
65) " = सेकंड
महत्वपूर्ण फॉर्मूले एवं जानकारियां
उत्तर - 9 दिसम्बर 1946 ।
प्रश्न 2- संविधान सभा का स्थाई अध्यक्ष कौन था ।
उत्तर - डॉ. राजेंन्द्र प्रसाद ।
प्रश्न 3- संविधान सभा का अस्थाई अध्यक्ष कौन था ।
उत्तर - डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा ।
प्रश्न 4- संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष कौन थे ।
उत्तर - डॉ. भीमराव अम्बेडकर ।
प्रश्न 5- संविधान सभा का औपचारिक रूप से प्रतिपादन किसने किया ।
उत्तर - एम. एन. राय ।
प्रश्न 6- भारत में संविधान सभा गठित करने का आधार क्या था ।
उत्तर - कैबिनेट मिशन योजना (1946) ।
प्रश्न 7- संविधान के गठन की मांग सर्वप्रथम 1895 में किस व्यक्ति ने की ।
उत्तर - बाल गंगाधर तिलक ।
प्रश्न 8- संविधान सभा में देशी रियासतों के कितने प्रतिनिधि थे ।
उत्तर - 70 ।
प्रश्न 9- संविधान सभा में किस देशी रियासत के प्रतिनिधि ने भाग नही लिया ।
उत्तर - हैदराबाद ।
प्रश्न 10- बी. आर. अम्बेडकर कहॉं के संविधान सभा में निर्वाचित हुए ।
उत्तर - बंगाल से ।
प्रश्न 11- संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार किसे नियुक्त किया गया था ।
उत्तर - बी. एन. राव ।
प्रश्न 12- संविधान सभा की प्रारूप समिति का गठन कब हुआ ।
उत्तर - 29 अगस्त 1947 ।
प्रश्न 13- संविधान की प्रारूप समिति के समक्ष प्रस्तावना का प्रस्ताव किसने रखा ।
उत्तर - जवाहर लाल नेहरू ।
प्रश्न 14- संविधान सभा की रचना हेतु संविधान का विचार सर्वप्रथम किसने प्रस्तुत किया ।
उत्तर - स्वराज पार्टी ने 1924 में ।
प्रश्न 15- संविधान सभा में भारत के संविधान को कब स्वीकृत किया ।
उत्तर - 26 नवम्बर 1946 ।
प्रश्न 16- संविधान को बनाने में कितना समय लगा ।
उत्तर - 2 वर्ष 11 माह 18 दिन ।
प्रश्न 17- संविधान में कितने अनुच्छेद है।
उत्तर - 444 ।
प्रश्न 18- संविधान में कितने अध्याय है।
उत्तर - 22 ।
प्रश्न 19- भारतीय सभा में कितनी अनुसूचियॉ है।
उत्तर - 12 ।
प्रश्न 20- संविधान सभा का चुनाव किस आधार पर हुआ ।
उत्तर - वर्गीय मताधिकार पर ।
» m. a. — master of arts. »b.tech - bachelor of technology
» b. sc. — bachelor of science
» m. sc. — master of science
» b. sc. ag. — bachelor of science in agriculture
» m. sc. ag. — master of science in agriculture
» m. b. b. s. — bachelor of medicine and bachelor of surgery
» b.a.m.s- bachelor of ayurved medicine and surgery
» m. d. — doctor of medicine
» m. s. — master of surgery
» ph. d. / d. phil. — doctor of philosophy (arts & science)
» d. litt./lit. — doctor of literature / doctor of letters
» d. sc. — doctor of science
» b. com. — bachelor of commerce
» m. com. — master of commerce
» dr. — doctor
» b. p. — blood pressure
» mr. — mister
» mrs. — mistress
» m.s. — miss (used for female married & unmarried)
» miss — used before unmarried girls)
» m. p. — member of parliament
» m. l. a. — member of legislative assembly
» m. l. c. — member of legislative council
» p. m. — prime minister
» c. m. — chief minister
» c-in-c — commander-in-chief
» l. d. c. — lower division clerk
» u. d. c. — upper division clerk
» lt. gov. — lieutenant governor
» d. m. — district magistrate
» v. i. p. — very important person
» i. t. o. — income tax officer
» c. i. d. — criminal investigation department
» c/o — care of
» s/o — son of
» c. b. i. — central bureau of investigation
» g. p. o. — general post office
» h. q. — head quarters
» e. o. e. — errors and omissions excepted
» kg. — kilogram
» kw. — kilowatts
gm. — gram
km. — kilometer
ltd. — limited
m. p. h. — miles per hour
km. p. h. — kilometre per hour
p. t. o. — please turn over
p. w. d. — public works department
c. p. w. d. — central public works department
u. s. a. — united states of america
u. k. — united kingdom (england)
u. p. — uttar pradesh
m. p. — madhya pradesh
h. p. — himachal pradesh
u. n. o. — united nations organization
w. h. o. — world health organization
b. b. c. — british broadcasting corporation
b. c. — before christ
a. c. — air conditioned
i. g. — inspector general (of police)
d. i. g. — deputy inspector general (of police)
s. s. p. — senior superintendent of police
d. s. p. — deputy superintendent of police
s. d. m. — sub-divisional magistrate
s. m. — station master
a. s. m. — assistant station master
v. c. — vice-chancellor
a. g. — accountant general
c. r. — confidential report
i. a. s. — indian administrative service
i. p. s. — indian police service
i. f. s. — indian foreign service or indian forest service
i. r. s. — indian revenue service
p. c. s. — provincial civil service
m. e. s. — military engineering service
» 3g -3rd generation.
» gsm - global system for mobile communication.
» cdma - code division multiple access.
» umts - universal mobile telecommunication system.
» sim - subscriber identity module .
» avi = audio video interleave
» rts = real time streaming
» sis = symbian
os installer file
» amr = adaptive multi-rate codec
» jad = java application descriptor
» jar = java archive
» jad = java application descriptor
» 3gpp = 3rd generation partnership project
» 3gp = 3rd generation project
» mp3 = mpeg player-3
» mp4 = mpeg-4 video file
» aac = advanced audio coding
» gif= graphic interchangeable format
» jpeg = joint photographic expert group
» bmp = bitmap
» swf = shock wave flash
» wmv = windows media video
» wma = windows media audio
» wav = waveform audio
» png = portable network graphics
» doc =document (microsoft corporation)
» pdf = portable document format
» m3g = mobile 3d graphics
» m4a = mpeg-4 audio file
» nth = nokia theme (series 40)
» thm = themes (sony ericsson)
» mmf =synthetic music mobile application file
» nrt = nokia ringtone
» xmf = extensible music file
» wbmp = wireless bitmap image
» dvx = divx video
» html = hyper text markup language
» wml =wireless markup language
» cd -compact disk.
» dvd - digital versatile disk.
» crt - cathode ray tube.
» dat - digital audio tape.
» dos - disk operating system.
» gui -graphical
user interface.
» http - hyper text transfer protocol.
» ip - internet protocol.
» isp - internet service provider.
» tcp - transmission control protocol.
» ups - uninterruptible power supply.
» hsdpa -high speed downlink packet access.
» edge - enhanced data rate for evolution.
» gsm- [global system for mobile communication]
» vhf - very high frequency.
» uhf - ultra highfrequency.
» gprs - general packet radio service.
» wap - wireless application protocol.
» tcp - transmission control protocol.
» arpanet - advanced research project agency network.
» ibm - international business machines.
» hp - hewlett packard.
» am/fm - amplitude/ frequency modulation
अब कुछ सांस्कृतिक जानकारी निम्नलिखित है।
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